Sunday, 25 May 2014

Arvind Kejriwal in Patiala House Court


अरविन्द केजरीवाल को पटिआला हाउस कोर्ट से वापिस तिहाड़ जेल लेकर जाते हुए।


अरविन्द केजरीवाल ने एक बार फिर बेल बांड भरने से मन कर दिया जिसके बाद मजिस्ट्रेट गोमती मनोचा ने अरविन्द केजरीवाल को 14 दिनों तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इस केस की अगली सुनवाई 6 जून को पटिआला हाउस कोर्ट में होगी जिस में नितिन गडकरी को भी पेश होने को कहा गया है। 

Saturday, 29 March 2014

भारतीय सोच

एक बार एक विदेशी नागरिक भारत में घुमने आया और जैसे ही एयरपोर्ट से बहार निकला तो एक ऐसी घटना घटी के वो बेहोश हो गया किसी तरह हमें पता चला तो हम लोगो ने ठान लिया के इस घटना की सच्चाई का पता लगाया जाये ।

तो साहब हम लोग पहुँच गए उस हॉस्पिटल में जहाँ उस विदेशी नागरिक को भर्ती कराया गया था ।

हमने पता किया और उस कमरे में जा पहुंचे जहाँ उस विदेशी नागरिक को भर्ती किया गया था । किस्मत से मेरा एक दोस्त मेरे साथ था जो अच्छी अंग्रेजी जानता था ।

तो जी साहब कैसे भी हम लोग हिम्मत करके उस विदेशी नागरिक के सामने गए वो उस समय होश में आ चुका था । मैंने अपने दोस्त से कहा के इससे पूछो के आखिर हुआ क्या था जो ये बहार निकलते ही बेहोश हो गया ।

तो मेरे दोस्त ने अंग्रेजी में पूछना शुरू कर दिया मै भी कान गडाए समझने की कोशिश करता रहा लेकिन कुछ ज्यादा नहीं समझ पाया ।

फिर मै सोचने लगा के काश मैंने भी थोडा मन लगा कर पढाई की होती तो आज ये दिन देखना न पड़ता । मै खुद अंग्रेजी में बात करता .......................
........... खैर मै ख्याली दुनिया से बहार आया और फिर से कोशिश करने लगा के कुछ समझ सकूं के ये लोग क्या बात कर रहे हैं लेकिन मुझ से हो न सका तो हारकर मै उन दोनों को बात करते हुए देखने लगा फिर अचानक बात करते करते मेरा दोस्त ही बेहोश गया..........................

........... एह लो पै गया स्यप्पा ।

....... असी इत्थे आये सी एह पुछन के अंग्रेज क्यूँ बेहोश होया सी हुण ते नवा ही स्यप्पा पै गया ।

ओये कित्थे जावा हुण ? की करां ?

मैंने सिस्टर को आवाज़ लगाई । सिस्टर ..... सिस्टर ...

एक नर्स दौड़ कर आयी उसने देखा के मेरा दोस्त बेहोश हो कर ज़मीन पर पड़ा है और मै उसको उठाने की कोशिश कर रहा था तो उस सिस्टर ने वार्ड बॉय को आवाज़ लगाई । दो वार्ड बॉय जल्दी से स्ट्रेचर ले कर आये और मेरे दोस्त को उठा कर आई सी यू में ले गए पीछे पीछे मै भी अंग्रेज को कोसता हुआ चल दिया ।

लो जी पूरे दो घंटे बाद मेरे दोस्त को होश आया और मेरी टेंशन थोड़ी कम हुई लेकिन दिमाग में अभी भी यही सवाल था के आखिर क्या बात हुई थी जो पहले अंग्रेज बेहोश हो गया और फिर मेरा दोस्त ?
दिल तो कर रहा था के अभी पूछ लूं लेकिन फिर सोचा के अभी अभी होश में आया है कहीं फिर न बेहोश हो जाये इसीलिए सोचा के कल ही पूछूंगा आज इसे आराम करने देता हूँ । वक्त भी ज्यादा हो गया था मुझे भी घर जाना था । तो मैंने अपने दोस्त को बोला अपना ख्याल रखियो और मै घर वापस आ गया वही सवाल लेकर की आखिर बात क्या हुई थी जो दो-दो लोग बेहोश हो गए ?

अगला दिन हुआ फिर मेरे दिमाग में वही सवाल आने लगा । जल्दी से मै तैयार हुआ हॉस्पिटल जाने के लिए । हॉस्पिटल जाकर मैंने सोचा के पहले उस अंग्रेज से मिलूँ फिर अपने दोस्त से मिलूंगा लेकिन पता चला की अंग्रेज तो डिस्चार्ज हो चुका था तो मै सीधे अपने दोस्त से मिलने आ गया ।

मैंने अपने दोस्त से पूछा के अब कैसी तबियत है उसने कहा एक दम ठीक हूँ बस डिस्चार्ज होने वाला हूँ ।
मैंने कहा ये सुन कर बहुत ख़ुशी हुई और फिर मैंने बात को मोड़ दिया कल वाले टॉपिक पर ।
मैंने पूछा क्या बात हुई तुम्हारी उस अंग्रेज से । क्या बताया उसने के क्यूँ बेहोश हो गया था वो ?

तो उसने बताना शुरू किया -

अंग्रेज जब एअरपोर्ट से बहार निकला तो उसने देखा के एक कुत्ता एक जगह बैठा कूँ कूँ कूँ कूँ किये जा रहा था ।

उस अंग्रेज ने एक टैक्सी ड्राईवर से पूछा के ये कुत्ता क्या कर रहा है ?

टैक्सी ड्राईवर ने जवाब दिया साहब ये इंडियन कुत्ता है न इसीलिए धीरे धीरे रो रहा है ।

अंग्रेज हैरान हो गया । पूछने लगा इंडियन कुत्ते से क्या मतलब ?

टैक्सी ड्राईवर बोल साहब आप नहीं समझोगे छोडो रहने दो ।

तो अंग्रेज ने पूछा अच्छा चलो ये तो बता दो के आखिर ये कुत्ता रो क्यूँ रहा है ?

ड्राईवर बोला साहब जिस जगह ये कुत्ता बैठा है न वहां पर एक पत्थर पड़ा हुआ है जो इस कुत्ते को चुभ रहा है और ये कुत्ता रो रहा है ।

अंग्रेज हैरान हो कर पूछता है के ये कुत्ता उठ कर दूसरी जगह पर जा के क्यूँ नहीं बैठ जाता ?

ड्राईवर बोला साहब इसीलिए तो बोला के ये इंडियन कुत्ता है ये कहीं और नहीं जायेगा यहीं बैठा रहेगा रोता रहेगा ।

अंग्रेज बोल यार तू ये इंडियन कुत्ता क्यूँ कह रहा है बार बार ?

ड्राईवर बोल साहब ये इंडियन मेंटालिटी है

इस कुत्ते को पत्थर चुभ रहा है इसलिए ये रो रहा है

लेकिन ये पत्थर इतना भी नहीं चुभ रहा है के ये उठ कर कहीं और जा के बैठ जाये

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हुण मै बेहोश हो गया । मेरा दोस्त चिल्ला रहा है सिस्टर.......... सिस्टर ;)

( नोट - ये कहानी किसी सच्ची घटना पर आधारित नहीं है  फिर भी यदि किसी को ये कहानी पढ़ कर दुःख हुआ हो उसके लिए लेखक क्षमा मांगता है । समझदार व्यक्ति के लिए केवल इशारा ही काफी होता है )